Chapter 5 : दूसरा Amit : मौत का दावा

 Welcome on my story blog!

This is Part 5 of an original Hindi story, titled:

Twaif

Told in weekly parts, this story explores horror, unspoken love, and the kind of connection that lingers even after it’s gone.

If you’ve ever loved deeply — or lost without closure — I hope this story finds you.

Thank you for reading. Feel free to share your thoughts in the comments.

Part 4 you can read here for  recape... 

Part 4


🌙 Chapter 5 – “दूसरा Amit : मौत का दावा”

सच, झूठ से ज़्यादा डरावना होता है…

जंगल में सन्नाटा बिल्कुल जम गया।
Devans की साँस गले में अटक गई।



उसके सामने खड़ा सड़ा-सा चेहरा,
आँखों में बुझी हुई आग,
और माथे का वही तिल

वो परछाईं धीरे-धीरे आगे बढ़ी।
धरती उसके हर कदम पर कराह रही थी।



Devans ने काँपते हुए पूछा—
“तू… कौन है?”

परछाईं ने ऐसी हँसी हँसी
जिसमें मौत की ठंड थी।

“वही… जिसे तू बनने की कोशिश कर रहा है।”



Aarvi की आँखें अचानक फैल गईं।
उसकी उँगलियाँ Devans की कलाई पर कस गईं—
जैसे उसने किसी ऐसी चीज़ को पहचान लिया हो
जिससे वो भी डरती थी।



Devans हकला गया—
“मैं Amit नहीं हूँ…
तो तू कौन!?”

परछाईं चाँदनी में और साफ़ दिखने लगी।
सड़ा हुआ चेहरा…
लेकिन वही नैन-नक्श
जो Devans के सपनों में आता था।



Amit।
असल वाला।
मरा हुआ… लेकिन जगा हुआ।

उसकी आवाज़ ज़मीन को काटती हुई बोली—
“मैं वही Amit हूँ…
जिसकी लाश इस जंगल की मिट्टी में सड़ रही है।”



Devans का दिमाग जैसे फट गया।
“तो फिर… मैं कौन हूँ!?”

Aarvi एक कदम पीछे हट गई।
उसकी आवाज़ भय से काँप रही थी—
“Devans… भागो।
ये Amit नहीं… Amit की नफ़रत है।”



Amit की परछाईं हँसी—
एक ऐसी हँसी
जैसे किसी ने पत्थर पर नाखून रगड़े हों।



“तुझे अभी तक पूछने का ख्याल भी नहीं आया
कि Aarvi ने मुझे क्यों मारा था…?”

Devans ने झटके से Aarvi की तरफ देखा।
उसका चेहरा डर से सफेद पड़ा था—
जैसे Amit के शब्दों ने उसकी आत्मा चीर दी हो।



Aarvi जल्दी से बोली—
“ये झूठ बोल रहा है…
Devans, इस पर भरोसा मत करना!”

Amit की परछाईं और करीब आई—
उसकी फटी हुई आँखों में
पिघला हुआ गुस्सा भरता जा रहा था।

“क्या सच में झूठ…?
या Aarvi तुझसे वही छुपा रही है
जो उसने मेरी मौत वाली रात छुपाया था?”



अचानक हवा से पत्तियाँ उठकर घूमने लगीं।
जंगल में एक ठंडी लहर दौड़ गई—
इतनी ठंडी कि Devans की हड्डियाँ जमने लगीं।

यह था Amit का सच…
या झूठ।
या शायद दोनों के बीच की कोई खाई।


तो Guys  अमित ने कुछ ऐसा कह दिया है जिससे कहानी पूरी तरह से अटक गयी है , क्या अब तक आरवी अब तक देवांस से झूट बोल रही थी, आखिर किसने अमित की जान ली, आरवी या फिर कौन ???  आखिर कौन है अमित के मौत के पीछे ?? जानेंगे हम अगले पार्ट मे। 


👉[जारी है…]

Stay tuned for Part 6 of "Twaif" —
जल्द आ रहा है… एक और शाम, एक और सच्चाई।

❤️ अगर कहानी पसंद आई हो, तो कमेंट ज़रूर करें। आपकी राय मेरे लिए मायने रखती है।

Comments

Popular posts from this blog

Bas Itna Hi Tha (बस इतना ही था) Part - 1 (Love Story )

Unspoken Bond Part 1 : लेक्चर हॉल की टेंशन

Twaif Chapter 1: The Jungle Night