Chapter 7 : कैसे बचाएगी Aarvi — Devans को या Amit से…?

 Welcome on my story blog!

This is Part 7 of an original Hindi story, titled:

Twaif

Told in weekly parts, this story explores horror, unspoken love, and the kind of connection that lingers even after it’s gone.

If you’ve ever loved deeply — or lost without closure — I hope this story finds you.

Thank you for reading. Feel free to share your thoughts in the comments.

Part 6, you can read here for a recap... 

Part 6


Chapter 7 : कैसे  बचाएगी Aarvi — Devans को या Amit से…?

Devans का शरीर अनियंत्रित रूप से काँप रहा था।
उसकी बाँह पर उभरा काला निशान धीरे-धीरे फैल रहा था—
जैसे कोई जंगली जड़ें उसकी नसों में घुसती चली जा रही हों।

Aarvi डर से पीछे हट गई,
लेकिन उसकी आँखें Devans को छोड़ नहीं रही थीं।

“Devans… बोलो कुछ!
तुम ठीक हो?”



Devans हाँफते हुए जमीन पर गिर पड़ा।
उसका दिल किसी अजीब, अनजानी लय में धड़क रहा था…
ऐसी लय में,
जो इंसानों की नहीं होती।

अचानक, धुंध से Amit की परछाईं उभर आई।
उसने एक ठंडी, क्रूर मुस्कान दी—

“देखा?
मैंने कहा था…
इस जंगल में ‘एक’ Amit ही रह सकता है।”




Aarvi गुस्से और भय से काँपती हुई आगे बढ़ी।

“तुम उसे छू भी नहीं सकते!
ये जंगल तुम्हें सिर्फ इसलिए ज़िंदा रखे हुए है
क्योंकि तुम उसकी नफ़रत हो…
और नफ़रत हमेशा कमजोर होती है।”

Amit की परछाईं गुस्से से गरज उठी—

“कमज़ोर?
तो बचा क्यों नहीं पाई थी मुझे उस रात?
क्यों छोड़ दिया था मुझे मरने के लिए!?”



Aarvi के चेहरे पर सदियों का दर्द छलक आया।
उसकी आवाज़ टूट गई—

“क्योंकि तुम वही Amit नहीं थे…
तुम कोई और बन चुके थे।”

Devans ने खुद को संभालने की कोशिश की।
वो खड़ा हुआ—
लेकिन उसकी आँखों में एक झलक के लिए
किसी और की परछाईं चमक उठी।

Aarvi का दिल डूब गया।
क्या Devans… बदल रहा है?



जंगल की हवा अचानक भारी हो गई।
पत्ते बिना छुए हिलने लगे।
फुसफुसाहटें किसी अनजानी भाषा में गूँजने लगीं।

उस रात—
Aarvi ने अपनी सारी शक्तियाँ लगा दीं।
उसने Devans को जंगल के श्राप से खींचकर बाहर निकाला,
और Amit की भटकती आत्मा को
सदियों पुराने दर्द से मुक्त कर दिया।



कई दिनों बाद,
Devans पूरी तरह स्वस्थ हो चुका था।
उसके ज़ख्म अब केवल शरीर पर थे,
लेकिन दिल में Aarvi की मौजूदगी
पहले से भी गहरी बैठ चुकी थी।

एक रात—
दीये की लौ के सामने बैठी
Aarvi की परछाईं धीरे-धीरे धुंधली होने लगी।

उसका चेहरा अब भी चमक रहा था,
पर उसकी देह जैसे मिटती जा रही थी।




“नहीं Aarvi…
तू मुझे छोड़कर नहीं जा सकती,”
Devans ने काँपते हुए उसका हाथ पकड़ लिया।

Aarvi मुस्कुराई—
“मेरा काम पूरा हो गया, Devans।
पहली बार मैं तुझे बचा नहीं सकी थी…
पर इस बार मैंने तुझे मौत से खींच लिया।

अब तू जी…
और जीते-जी मेरी कहानी को जगा।”

उसकी आँखों से आँसू बह निकले—
पर इस बार उनमें दर्द नहीं,
एक शांति थी।

“लोगों ने मुझे Twaif कहकर ठुकराया।
कभी मेरे दिल की सच्चाई नहीं समझी।
पर अब…
तू मेरी आवाज़ बनेगा।

लोगों को बता कि Aarvi ने मोहब्बत की थी…
और आख़िरी साँस तक सच्ची रही।”

इतना कहकर उसका हाथ
धीरे-धीरे Devans की हथेली से फिसल गया।

Aarvi की परछाईं
दीये की लौ में समा गई।

कमरा अब खाली था—
सिर्फ़ उसकी खुशबू बाकी थी…
जैसे उसकी रूह विदा होते-होते
Devans के चारों ओर बिखर गई हो।


कुछ महीनों बाद…

गाँव में एक किताब छपी—

“Twaif – Aarvi की अधूरी दास्तान”

उस किताब का लेखक था— Devans



उसने Aarvi की ज़िंदगी,
उसका दर्द,
उसकी मोहब्बत,
और उसका बलिदान—
हर पन्ने पर अमर कर दिया।

अब Aarvi भले इस दुनिया में नहीं थी,
पर उसकी कहानी
हर दिल में धड़कने लगी थी।






Stay tuned new story "Alien Wife" —
जल्द आ रहा है… एक और शाम, एक और सच्चाई।

❤️ अगर कहानी पसंद आई हो, तो कमेंट ज़रूर करें। आपकी राय मेरे लिए मायने रखती है।

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